युद्ध के खिलाफ एकजुट दिखे जी-7 के देश
G7 countries : फ्रांस के एवियन शहर में संपन्न हुई जी-7 की बैठक बेहद सफल रही. पहला कारण तो यही है कि जिस ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर होने वाले दस्तखत का इंतजार हो रहा था, उस पर जी-7 की बैठक में ही दस्तखत हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने समझौते पर हस्ताक्षर कर पश्चिम एशिया में फरवरी के अंत से चल रहे युद्ध के औपचारिक खात्मे की घोषणा की.
कुल 14 बिंदुओं वाले इस समझौते को एमओयू, यानी सहमति पत्र बताया गया है. इसके मुताबिक, ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनायेगा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जायेगा. समझौते में कहा गया है कि अब से कोई भी पक्ष सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेगा, दोनों देश एक-दूसरे को धमकी भी नहीं दे सकेंगे तथा लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जायेगा. हालांकि, ईरान का कहना है कि इस्राइल अगर लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो वह समझौते का उल्लंघन होगा और वैसी स्थिति में जरूरी कदम उठाये जायेंगे.
जी-7 ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत किया है. चूंकि ईरान-अमेरिका युद्ध और उससे भी चार साल पहले शुरू हुए यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका-यूरोप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गये थे, ऐसे में, ट्रंप और पेजेश्कियान के बीच हुए दस्तखत ने यूरोप-अमेरिका के बीच की खटास भी अब काफी हद तक दूर कर दी है. यह घटनाक्रम वैश्विक समन्वय के लिए सुखद है.
जी-7 बैठक की दूसरी उल्लेखनीय बात यह रही कि यूरोपीय देशों ने पिछले चार साल से भी अधिक समय से चल रहे यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने........
